ज़्यारत ता'ज़ीयह (ताज़ीयत/मातमपुर्सी की ज़्यारत)

                           आशूरा के दिन असर के वक़्त पढ़ी जाने वाली ज़्यारत (मफ़ातीह-उल-जिनान से ली गयी)                        MP3 

 

अमाले आशूरा

ज़्यारत आशूरा 

ज़्यारत नाहिय

रोज़े आशूरा

मुहर्रम - मुख्य पेज

बिस्मिल्लाहिर रहमानिर रहीम

अल्लाहुम्मा सल्ले अला मोहम्मद व आले मोहम्मद

सलाम हो आप पर ऐ आदम (अ:स) के वारिस जो बर'गज़ीदा'ए'ख़ुदा हैं, सलाम हो आप पर ऐ नूह (अ:स) वारिस जो अल्लाह के नबी हैं, सलाम हो आप पर ऐ ईब्राहीम (अ:स) के वारिस जो अल्लाह के दोस्त हैं, सलाम हो आप पर ऐ मूसा (अ:स) के वारिस जो ख़ुदा के कलीम हैं, सलाम हो आप पर ऐ ईसा (अ:स) के वारिस जो ख़ुदा की रूह हैं, सलाम हो आप पर ऐ मोहम्मद (स:अ:व:व) के वारिस जो ख़ुदा के हबीब हैं, सलाम हो आप पर ऐ अली (अ:स) के वारिस जो मोमिनों के अमीर और दस्त-ए-ख़ुदा हैं, सलाम हो आप पर ऐ हसन (अ:स) के वारिस जो शहीद हैं अल्लाह के रसूल (स:अ:व:व) के नवासे हैं, सलाम हो आप पर ऐ ख़ुदा के रसूल के फ़र्ज़न्द, सलाम हो आप पर ऐ बशीर व नज़ीर और वसीयों के सरदार के फ़र्ज़न्द, सलाम हो आप पर ऐ फ़रज़न्दे फ़ातिमा जो जहानों की औरतों की सरदार हैं, सलाम हो आप पर ऐ अबू अब्दुल्लाह, सलाम हो आप पर ऐ ख़ुदा के पसंद किये हुए और पसंदीदा के फ़र्ज़न्द सलाम हो आप पर ऐ शहीदे राहे ख़ुदा और शहीद के फ़र्ज़न्द, सलाम हो आप पर ऐ वो मक़तूल जिस के क़ातिल क़त्ल हो गए सलाम हो आप पर ऐ हिदायत व पाकीज़गी वाले ईमाम, और सलाम हो ईन रूहों पर जो आपके आस्तां पर सो गयीं और आप की कुर्बत में रह रही हैं, और सलाम इनपर जो आप के ज़ायेरों के हमराह आयीं, मेरा सलाम हो आप पर जबतक मै ज़िंदा हूँ और रात दिन का सिलसिला क़ायेम है, यक़ीनन आप पर बहुत बड़ी मुसीबत गुज़री है, और इससे बहुत ज़्यादा सोगवारी है मोमिनों और मुसलमानों में, आसमानों पर रहने वाली सारी मख्लूक़ में, और ज़मीन में रहने वाली खिल्क़त में, बस अल्लाह ही के हैं, और हम इसी की तरफ़ लौट जायेंगे! ख़ुदा की रहमतें हों, और ईस की बरकतें, और सलाम आप पर और आप के आब़ा-ओ-अजदाद पर जो पाक निहाद, नेक्सीरत व बर'गज़ीदा हैं! और इनकी औलाद पर की जो हिदायत-याफ़्ता पेशवा हैं! सलाम हो आप पर ऐ मेरे आक़ा और ईन सब पर सलाम हो आप की रूह पर और इनकी रूहों पर और सलाम हो आप के मज़ार पर और इनके मज़ारों पर, ऐ अल्लाह! इन्से पेश आ मेहरबानी, खुशनूदी मुसर्रत और ख़ुश'रूई के साथ सलाम हो आप पर! ऐ मेरे सरदार! ऐ अबू अब्दुल्लाह! ऐ नबियों के खातिम के फ़र्ज़न्द! ऐ औसिया के सरदार के फ़र्ज़न्द! और ऐ जहानों की औरतों के सरदार के फ़र्ज़न्द! सलाम हो आप पर ऐ शहीद, ऐ फ़रज़न्दे शहीद, ऐ बरादर-ए-शहीद, ऐ पेदर-ए-शहीदान, ऐ अल्लाह! पहुंचा इनको मेरी तरफ़ से ईस घड़ी में आज के दिन में और मौजूदा वक़्त में और हर हर वक़्त में बहुत बहुत दरूद और सलाम! अल्लाह का सलाम हो आप पर अलाह की रहमत और इसकी बरकात! ऐ जहानों के सरदार के फ़र्ज़न्द! और इनपर जो आप के साथ शहीद हुए! सलाम हो लगातार सलाम जब तक रात दिन बाहम मिलते रहें सलाम हो हुसैन इब्ने अली शहीद पर, सलाम हो अली इब्ने हुसैन शहीद पर सलाम हो अब्बास इब्ने अमीरल मोमिनीन शहीद पर, सलाम हो ईन शहीदों पर जो औलादे अमीरल मोमिनीन से हैं! सलाम हो ईन शहीदों पर जो औलादे  हसन से हैं! सलाम हो ईन शहीदों पर जो हुसैन की औलाद से हैं! सलाम हो ईन शहीदों पर जो जाफ़र और अक़ील की औलाद से हैं! सलाम हो मोमिनों में से ईन सब शहीदों पर जो इनके साथ शहीद हुए! ऐ अल्लाह! रहमत नाज़िल कर मुहम्मद व आले मोहम्मद पर और पहुंचा इनको मेरी तरफ़ से बहुत बहुत दरूद और सलाम! सलाम हो आप पर ऐ ख़ुदा के रसूल खुदाए त'आला आप के फ़र्ज़न्द हुसैन के बारे में आप के साथ बेहतरीन ताज़ीयत करे! सलाम हो आप पर ऐ फ़ातिमा, खुदाए त'आला आप के फ़र्ज़न्द हुसैन के बारे में आप के साथ बेहतरीन ताज़ीयत करे, सलाम हो आप पर ऐ अमीरल मोमिनीन! खुदाए त'आला आप के फ़र्ज़न्द हुसैन के बारे में आप के साथ बेहतरीन ताज़ीयत करे! सलाम हो आप पर ऐ अबू मोहम्मद हसन! अल्लाह त'आला आप के भाई हुसैन के बारे में आप के साथ बेहतरीन ताज़ीयत करे! ऐ मेरे सरदार! ऐ अबू'अब्दुल्लाह! मै अल्लाह का मेहमान और आप का मेहमान हूँ, और ख़ुदा की पनाह और आप की पनाह में हूँ, यहाँ हर मेहमान और पनाहगीर की पज़ीराई होती है, और ईस वक़्त मेरी पज़ीराई यही है की आप सवाल करें अल्लाह से जो पाकतर और आली क़दर है यह की वो मेरी गर्दन क़ो अज़ाबे जहन्नुम से आज़ाद कर दे बेशक वो दुआओं का सुनने वाला है, नज़दीक तर क़बूल करने वाला! 

 

اَلسَّلامُ عَلَيْكَ يا وارِثَ آدَمَ صِفْوَةِ اللهِ اَلسَّلامُ عَلَيْكَ يا وارِثَ نُوح نَبِىِّ اللهِ اَلسَّلامُ عَلَيْكَ يا وارِثَ اِبْراهيمَ خَليلِ اللهِ اَلسَّلامُ عَلَيْكَ يا وارِثَ مُوسى كَليمِ اللهِ اَلسَّلامُ عَلَيْكَ يا وارِثَ عيسى رُوحِ اللهِ اَلسَّلامُ عَلَيْكَ يا وارِثَ مُحَمَّد حَبيبِ اللهِ اَلسَّلامُ عَلَيْكَ يا وارِثَ عَلِىٍّ اَميرِ الْمُؤْمِنينَ وَلِىِّ اللهِ اَلسَّلامُ عَلَيْكَ يا وارِثَ الْحَسَنِ الشَّهيدِ سِبْطِ رَسُولِ اللهِ

اَلسَّلامُ عَلَيْكَ يَا بْنَ رَسُولِ اللهِ اَلسَّلامُ عَلَيْكَ يَا بْنَ الْبَشيرِ النَّذيرِ وَابْنَ سَيِّدِ الْوَصِيِّينَ اَلسَّلامُ عَلَيْكَ يَابْنَ فاطِمَةَ سَيِّدَةِ نِسآءِ الْعالَمينَ اَلسَّلامُ عَلَيْكَ يا اَبا عَبْدِ اللهِ اَلسَّلامُ عَلَيْكَ يا خِيَرَةَ اللهِ وَابْنَ خِيَرَتِهِ اَلسَّلامُ عَلَيْكَ يا ثارَ اللهِ وَابْنَ ثارِهِ اَلسَّلامُ عَلَيْكَ اَيُّهَا الْوِتْرَ الْمَوْتُورَ

 اَلسَّلامُ عَلَيْكَ اَيُّهَا الاِْمامُ الْهادِى الزَّكِىُّ وَعَلى اَرْواح حَلَّتْ بِفِنآئِكَ وَاَقامَتْ فى جِوارِكَ وَوَفَدَتْ مَعَ زُوّارِكَ

اَلسَّلامُ عَلَيْكَ مِنِّى ما بَقيتُ وَبَقِىَ اللَّيْلُ وَالنَّهارُ فَلَقَدْ عَظُمَتِ بِكَ الرَّزِيَّةُ وَجَلَّ الْمُصابُ فِى الْمُؤْمِنينَ وَالْمُسْلِمينَ وَفى اَهْلِ السَّمواتِ اَجْمَعينَ وَفى سُكّـانِ الاَْرَضينَ

 فَاِنّا للهِ وَاِنّا اِلَيْهِ راجِعُونَ وَصَلَواتُ اللهِ وَبَرَكاتُهُ وَتَحِيّاتُهُ عَلَيْكَ وَعَلى آبآئِكَ الطّاهِرينَ الطَّيِّبينَ الْمُنْتَجَبَينَ وَعَلى ذَراريهِمُ الْهُداةِ الْمَهْدِيّينَ اَلسَّلامُ عَلَيْكَ يا مَوْلاىَ وَعَلَيْهِمْ وَعَلى رُوحِكَ وَعَلى اَرْواحِهِمْ وَعَلى تُرْبَتِكَ وَعَلى تُرْبَتِهِمْ

 اَللّـهُمَّ لَقِّهِمْ رَحْمَةً وَرِضْواناً وَرَوْحاً وَرَيْحاناً اَلسَّلامُ عَلَيْكَ يا مَوْلاىَ يا اَبا عَبْدِاللهِ يَا بْنَ خاتَمِ النَّبِيّينَ وَيَا بْنَ سَيِّدِ الْوَصِيّينَ وَيَا بْنَ سَيِّدَةَ نِسآءِ الْعالَمينَ اَلسَّلامُ عَلَيْكَ يا شَهيدُ يَا بْنَ الشَّهيدِ يا اَخَ الشَّهيدِ يا اَبَا الشُّهَدآءِ

اَللّـهُمَّ بَلِّغْهُ عَنّى فى هذِهِ السّاعَةِ وَفى هذَا الْيَوْمِ وَفى هذَا الْوَقْتِ وَفى كُلِّ وَقْت تَحِيَّةً كَثيرَةً وَسَلاماً سَلامُ اللهِ عَلَيْكِ وَرَحْمَةُ اللهِ وَبَرَكاتُهُ يَا بْنَ سَيِّدِ الْعالَمينَ وَعَلَى الْمُسْتَشْهَدينَ مَعَكَ سَلاماً مُتَّصِلاً مَا اتَّصَلَ اللَّيْلُ وَالنَّهارُ

السَّلامُ عَلَى الْحُسَيْنِ بْنِ عَلِىّ الشَّهيدِ السَّلامُ عَلى عَلِىِّ بْنِ الْحُسَيْنِ الشَّهيدِ اَلسَّلامُ عَلَى الْعَبّاسِ بْنِ اَميرِ الْمُؤْمِنينَ الشَّهيدِ السَّلامُ عَلَى الشُّهَدآءِ مِنْ وُلْدِ اَمِيرِ الْمُؤْمِنينَ اَلسَّلامُ عَلَى الشُّهَدآءِ مِنْ وُلْدِ الْحَسَنِ اَلسَّلامُ عَلَى الشُّهَدآءِ مِنْ وُلْدِ الْحُسَيْنِ السَّلامُ عَلَى الشُّهَدآءِ مِنْ وُلْدِ جَعْفَر وَعَقِيل اَلسَّلامُ عَلى كُلِّ مُسْتَشْهَد مَعَهُمْ مِنَ الْمُؤْمِنين

َ اَللّـهُمَّ صَلِّ عَلى مُحَمَّد وَآلِ مُحَمَّد وَبَلِّغْهُمْ عَنّى تَحِيَّةً كَثيرَةً وَسَلاماً اَلسَّلامُ عَلَيْكَ يا رَسُولَ اللهِ اَحْسَنَ اللهُ لَكَ الْعَزآءَ فى وَلَدِكَ الْحُسَيْنِ اَلسَّلامُ عَلَيْكِ يا فاطِمَةُ اَحْسَنَ اللهُ لَكَ الْعَزآءَ فى وَلَدِكَ الْحُسَيْن

ِ اَلسَّلامُ عَلَيْكَ يا اَميرَ الْمُؤْمِنينَ اَحْسَنَ اللهُ لَكَ الْعَزآءَ فِى وَلَدِكَ الْحُسَيْنِ

اَلسَّلامُ عَلَيْكَ يا اَبا مُحَمَّد الْحَسَنَ اَحْسَنَ اللهُ لَكَ الْعَزآءِ فى اَخيكَ الْحُسَيْنِ

 يا مَوْلاىَ يا اَبا عَبْدِاللهِ اَنَا َضْيُف اِلله َوضَيْفُكَ وَجارُ اللهِ وَجارُكَ وَلِكُلِّ ضَيْف وَجار قِرىً وَقِراىَ فى هذَا الْوَقْتِ اَنْ تَسْئَلَ اللهَ سُبْحانَهُ وَتَعالى اَنْ يَرْزُقَنى فَكاكَ رَقَبَتى مِنَ النّارِ اِنَّهُ سَميعُ الدُّعآءِ قَريبُ مُجيبُ .

 

 

ज़्यारत ताज़ीयह (आशूरा)-  अरबी में पढ़ें

अल्स्सलामु `अलयका या वारिस आदमा सिफ्वाती अल्लाहि 

अल्स्सलामु `अलयका या वारिसा नूहीन नबिय्यी अल्लाहि 

अल्स्सलामु `अलयका या  वारिसा इब्राहीमा खलीली अल्लाहि 

अल्स्सलामु `अलयका या वारिसा मूसा कालीमि अल्लाहि
अल्स्सलामु `अलयका या वारिसा `ईसा रूही अल्लाहि
अल्स्सलामु `अलयका या वारिसा मुहम्मदीन हबीबी अल्लाहि
अल्स्सलामु `अलयका या वारिसा `अलिय्यिन अमीरल मु'मिनीना वलिय्यी अल्लाहि
अल्स्सलामु अलयका या वारिसा अल्हसनी अलशहीदी सिब्ती रसूली अल्लाहि
अल्स'सलामु `अलयका यबना रसूली अल्लाहि
अल्स्सलामु `अलयका यबना अल'बशीरी अलं'नज़ीरी वाब्ना सय्यीदी अल'वसिय्यीना
अल'सलामु `अलयका यबना फातिमता सय्यिदती निसा अल`आलामीना
अल'सलामु `अलयका या अबा `अब्दिल'लाही
अल'सलामु `अलयका या खियारता अल्लाहि वब्ना खियारती'ही
अल'सलामु `अलयका या सारा अल्लाहि वब्ना सारिही
अल'सलामु `अलयका अय्युहा अल'वितरु अल'मव्तूरू 
अल'सलामु `अलयका अय्युहा अल-इमामु अल'हादी अल'ज़किय्यु वा `अला अर्वाहीन हालात बी'फ़िना'ईका वा अक़ामत फ़ी जिवारिका वा वाफ़दत मा अ ज़ुव्वा'रिका
अल'सलामु `अलयका मिन्नी मा बकीतु वा बक़ी'या अल'लयलू वल'नहारु फ़ला'क़द `अज़ुमत बिका अल'रज़ी'यतु वा जल्ला अल'मुसाबू फ़ी अल'मुमिनीना वल'मुसलिमीना वा फ़ी अहली अल'समावाती अजमाईना वा फ़ी सुक'कानी अल-अराज़ीना फ़'इन्ना लील'लाही वा इन्ना इलय्ही राजीऊना वा सलावातु अल्लाहि वा बरकातु'हू वा तही'यातु'हू अलयका वा अला आब़ा'ईका अल'ताहिरीना अल'तय्यी'बीना अल'मुन्ताजा'बीना वा अला ज़रा'रीहिमु अल'हुदाती अल'महदी'ईना
अल'सलामु `अलयका या मौलाया वा अलय्हीम वा अला रूहिका वा अला अर'वाही'हिम वा अला तुर्बतिका वा अला तुर्बती'हिम अल्लाहुम्मा लक़'किहिम रहमतन वा रिज़वा'नन वा रौ'हन वा रेहा'नन
अल'सलामु `अलयका या मौलाया या अबा'अब्दिल'लाही यबना ख़ा'तमि अल'नबी'ईना वा यबना सय्यीदी अल'वसी'ईना वा यबना सय्यी'दती निसा'ईल आलामीना 
अल'सलामु `अलयका या शहीदु यबना अल'शहीदी या अखा अल'शहीदी या अबा अल'शुहदा' अल्लाहुम्मा बल्लिग़'हु अन'नी फ़ी हाज़ि'ही अस'सा अति वा फ़ी हाज़ा अल'यौमी वा फ़ी हाज़ा अल'वक्ति वा फ़ी कुल्ली वक़'तिन तही'यतन कसी'रतन वा सलामन सलामु अल्लाहि अलयका वा रहमतु अल्लाहि वा बरकातुहू यबना सय्यीदी अल आलामीना वा अला अल'मुस्तश-हदीना मा अका सलामन मूत'तसिलन मा ईत'तसला अल'लयलू वल'नहारु
अल'सलामु `अला अल'हुसैन इब्ने अली'ईन अल'शहीदी
अल'सलामु `अला `अली'इब्नी अल'हुसय्नी अल'शहीदी
अल'सलामु `अला अल`अब्बास'इब्नी अमीरल मुमिनीना अल'शहीदी 
अल'सलामु `अला अल'शुहदा' मिन वुल्दी अमीर'अल मुमिनीना
अल'सलामु `अला अल'शुहदा' मिन वुल्दी-अल' हसनी
अल'सलामु अला अल'शुहदा' मिन वुल्दी'अल हुसय्नी
अल'सलामु `अला अल'शुहदा' मिन वुल्दी जा'फ़रीन वा `अक़ील'ईन
अल'सलामु `अला कुल्ली मुस्तश-हदिन मा अहुम मिन'अल मुमिनीना अल्लाहुम्मा सल्ली अला मुहम्मदीन वा आली मुहम्मदीन वा बल्लिग़'हुम अन्नी तही'यतन कसी'रतन वा सलामन
अल'सलामु ` अलयका या फ़ाति'मतु अह्सना अल'लाहू लकी अल`अज़ा' फ़ी वालादिकी अल'हुसय्नी

अल'सलामु `अलयका या अमीर'अल मुमिनीना अह्सना अल्लाहू लका अल अज़ा' फ़ी वला'दिका'अल हुसय्नी

अल'सलामु `अलयका या अबा मुहम्मदीन अल'हसनू अह्सना'अल-लाहू लका अल अज़ा' फ़ी अखी'का अल'हुसय्नी या मौलाया या अबा अब्दिल'लाही अना ज़य्फु अल'लाही वा ज़य्फु'का वा जारू अल्लाहि वा जारुका वा ली'कुल्ली ज़ायफिन वा जार'ईन क़ी'रन वा क़ी'राया फ़ी हाज़ा अल'वक़ती अन तस'अला अल्लाह सुब'हानाहू वा ता'आला अन यर'ज़ुक'अनी फ़का'का रक़'बती मिन'अल नारी इन्नाहू समी' दुआ' क़री'बुन मुजीबुन
 
 

ज़्यारत ता'ज़ीयह (असर के बाद पढ़ने की ज़्यारत)

اَلسَّلاَمُ عَلَيْكَ يَا وَارِثَ آدَمَ صِفْوَةِ ٱللَّهِ

अल्स्सलामु `अलयका या वारिस आदमा सिफ्वाती अल्लाहि

सलाम हो आप पर ऐ आदम (अ:स) के वारिस जो बर'गज़ीदा''ख़ुदा हैं

اَلسَّلاَمُ عَلَيْكَ يَا وَارِثَ نُوحٍ نَبِيِّ ٱللَّهِ

अल्स्सलामु `अलयका या वारिसा नूहीन नबिय्यी अल्लाहि

सलाम हो आप पर ऐ नूह (अ:स) वारिस जो अल्लाह के नबी हैं!

اَلسَّلاَمُ عَلَيْكَ يَا وَارِثَ إِبْرَاهيمَ خَليلِ ٱللَّهِ

अल्स्सलामु `अलयका या वारिसा इब्राहीमा खलीली अल्लाहि

सलाम हो आप पर ऐ ईब्राहीम (अ:स) के वारिस जो अल्लाह के दोस्त हैं!

اَلسَّلاَمُ عَلَيْكَ يَا وَارِثَ مُوسَىٰ كَلِيمِ ٱللَّهِ

अल्स्सलामु `अलयका या वारिसा मूसा कालीमि अल्लाहि

सलाम हो आप पर ऐ मूसा (अ:स) के वारिस जो ख़ुदा के कलीम हैं!

اَلسَّلاَمُ عَلَيْكَ يَا وَارِثَ عِيسَىٰ رُوحِ ٱللَّهِ

अल्स्सलामु `अलयका या वारिसा `ईसा रूही अल्लाहि

सलाम हो आप पर ऐ ईसा (अ:स) के वारिस जो ख़ुदा की रूह हैं,

اَلسَّلاَمُ عَلَيْكَ يَا وَارِثَ مُحَمَّدٍ حَبِيبِ ٱللَّهِ

अल्स्सलामु `अलयका या वारिसा मुहम्मदीन हबीबी अल्लाहि

सलाम हो आप पर ऐ मोहम्मद (स:अ:व:व) के वारिस जो ख़ुदा के हबीब हैं,

اَلسَّلاَمُ عَلَيْكَ يَا وَارِثَ عَلِيٍّ امِيرِ ٱلْمُؤْمِنينَ وَلِيِّ اللّهِ

अल्स्सलामु `अलयका या वारिसा `अलिय्यिन अमीरल मु'मिनीना वलिय्यी अल्लाहि

सलाम हो आप पर ऐ अली (अ:स) के वारिस जो मोमिनों के अमीर और दोस्त-ए-ख़ुदा हैं,

اَلسَّلاَمُ عَلَيْكَ يَا وَارِثَ ٱلْحَسَنِ ٱلشَّهيدِ سِبْطِ رَسُولِ ٱللَّهِ

अल्स्सलामु अलयका या वारिसा अल्हसनी अलशहीदी सिब्ती रसूली अल्लाहि

सलाम हो आप पर ऐ हसन (अ:स) के वारिस जो शहीद हैं अल्लाह के रसूल (स:अ:व:व) के नवासे हैं,

اَلسَّلاَمُ عَلَيْكَ يَا بْنَ رَسُولِ ٱللَّهِ

अल्स'सलामु `अलयका यबना रसूली अल्लाहि

सलाम हो आप पर ऐ ख़ुदा के रसूल के फ़र्ज़न्द,

اَلسَّلاَمُ عَلَيْكَ يَا بْنَ ٱلْبَشِيرِ ٱلنَّذِيرِ

अल्स्सलामु `अलयका यबना अल'बशीरी अलं'नज़ीरी 

सलाम हो आप पर ऐ बशीर व नज़ीर

وَٱبْنَ سَيِّدِ ٱلْوَصِيِّينَ

वाब्ना सय्यीदी अल'वसिय्यीना

और वसीयों के सरदार के फ़र्ज़न्द,

اَلسَّلاَمُ عَلَيْكَ يَا بْنَ فَاطِمَةَ سَيِّدَةِ نِسَاءِ ٱلْعَالَمِينَ

अल'सलामु `अलयका यबना फातिमता सय्यिदती निसा अल आलामीना

सलाम हो आप पर ऐ फ़रज़न्दे फ़ातिमा जो जहानों की औरतों की सरदार हैं,

اَلسَّلاَمُ عَلَيْكَ يَا ابَا عَبْدِ ٱللَّهِ

अल'सलामु `अलयका या अबा `अब्दिल'लाही

सलाम हो आप पर ऐ अबू अब्दुल्लाह,

اَلسَّلاَمُ عَلَيْكَ يا خِيَرَةَ ٱللَّهِ وَٱبْنَ خِيَرَتِهِ

अल'सलामु `अलयका या खियारता अल्लाहि वब्ना खियारती'ही

सलाम हो आप पर ऐ ख़ुदा के पसंद किये हुए और पसंदीदा के फ़र्ज़न्द

اَلسَّلاَمُ عَلَيْكَ يا ثَارَ ٱللَّهِ وَٱبْنَ ثَارِهِ

अल'सलामु `अलयका या सारा अल्लाहि वब्ना सारिही

सलाम हो आप पर ऐ शहीदे राहे ख़ुदा और शहीद के फ़र्ज़न्द,

اَلسَّلاَمُ عَلَيْكَ ايُّهَا ٱلْوِتْرُ ٱلْمَوْتُورُ

अल'सलामु `अलयका अय्युहा अल'वितरु अल'मव्तूरू 

सलाम हो आप पर ऐ वो मक़तूल जिस के क़ातिल क़त्ल हो गए

اَلسَّلاَمُ عَلَيْكَ ايُّهَا ٱلإِمَامُ ٱلْهَادِي ٱلزَّكِيُّ

अल'सलामु `अलयका अय्युहा अल-इमामु अल'हादी अल'ज़किय्यु

सलाम हो आप पर ऐ हिदायत व पाकीज़गी वाले ईमाम,

وَعَلىٰ ارْوَاحٍ حَلَّتْ بِفِنَائِكَ وَاقَامَتْ فِي جِوَارِكَ

वा `अला अर्वाहीन हालात बी'फ़िना'ईका वा अक़ामत फ़ी जिवारिका

और सलाम हो ईन रूहों पर जो आपके आस्तां पर सो गयीं और आप की कुर्बत में रह रही हैं,

وَوَفَدَتْ مَعَ زُوَّارِكَ

वा वाफ़दत मा अ ज़ुव्वा'रिका

और सलाम इनपर जो आप के ज़ायेरों के हमराह आयीं,

اَلسَّلاَمُ عَلَيْكَ مِنِّي مَا بَقيتُ وَبَقِيَ ٱللَّيْلُ وَٱلنَّهَارُ

अल'सलामु `अलयका मिन्नी मा बकीतु वा बक़ी'या अल'लयलू वल'नहारु

मेरा सलाम हो आप पर जबतक मै ज़िंदा हूँ और रात दिन का सिलसिला क़ायेम है,

فَلَقَدْ عَظُمَتْ بِكَ ٱلرَّزِيَّةُ

फ़ला'क़द `अज़ुमत बिका अल'रज़ी'यतु

यक़ीनन आप पर बहुत बड़ी मुसीबत गुज़री है,

وَجَلَّ ٱلْمُصَابُ فِي ٱلْمُؤْمِنِينَ وَٱلْمُسْلِمِينَ

वा जल्ला अल'मुसाबू फ़ी अल'मुमिनीना वल'मुसलिमीना

और इससे बहुत ज़्यादा सोगवारी है मोमिनों और मुसलमानों में,

وَفِي اهْلِ ٱلسَّمَاوَاتِ اجْمَعِينَ

वा फ़ी अहली अल'समावाती अजमाईना

आसमानों पर रहने वाली सारी मख्लूक़ में,

وَفِي سُكَّانِ ٱلارَضِينَ

वा फ़ी सुक'कानी अल-अराज़ीना

और ज़मीन में रहने वाली खिल्क़त में,

فَإِنَّا لِلَّهِ وَإِنَّا إِلَيْهِ رَاجِعُونَ

फ़'इन्ना लील'लाही वा इन्ना इलय्ही राजीऊना

बस अल्लाह ही के हैं, और हम इसी की तरफ़ लौट जायेंगे!

وَصَلَوَاتُ ٱللَّهِ وَبَرَكَاتُهُ وَتَحِيَّاتُهُ عَلَيْكَ

वा सलावातु अल्लाहि वा बरकातु'हू वा तही'यातु'हू अलयका

ख़ुदा की रहमतें हों, और ईस की बरकतें, और सलाम आप पर

وَعَلَىٰ آبَائِكَ ٱلطَّاهِرِينَ ٱلطَّيِّبِينَ ٱلْمُنْتَجَبِينَ

वा अला आब़ा'ईका अल'ताहिरीना अल'तय्यी'बीना अल'मुन्ताजा'बीना

और आप के आब़ा-ओ-अजदाद पर जो पाक निहाद, नेक्सीरत व बर'गज़ीद हैं!

وَعَلىٰ ذَرَارِيهِمُ ٱلْهُدَاةِ ٱلْمَهْدِيِّينَ

वा अला ज़रा'रीहिमु अल'हुदाती अल'महदी'ईना

और इनकी औलाद पर की जो हिदायत-याफ़्ता पेशवा हैं!

اَلسَّلاَمُ عَلَيْكَ يَا مَوْلايَ وَعَلَيْهِمْ

अल'सलामु `अलयका या मौलाया वा अलय्हीम

सलाम हो आप पर ऐ मेरे आक़ा, और ईन सब पर

وَعَلَىٰ رُوحِكَ وَعَلَىٰ ارْوَاحِهِمْ

वा अला रूहिका वा अला अर'वाही'हिम

सलाम हो आप की रूह पर और इनकी रूहों पर

وَعَلَىٰ تُرْبَتِكَ وَعَلَىٰ تُرْبَتِهِمْ

वा अला तुर्बतिका वा अला तुर्बती'हिम

और सलाम हो आप के मज़ार पर और इनके मज़ारों पर,

اَللَّهُمَّ لَقِّهِمْ رَحْمَةً وَرِضْوَاناً

अल्लाहुम्मा लक़'किहिम रहमतन वा रिज़वा'नन

ऐ अल्लाह! इन्से पेश आ मेहरबानी, खुशनूदी

وَرَوْحاً وَرَيْحَاناً

वा रौ'हन वा रेहा'नन

मुसर्रत और ख़ुश'रूई के साथ !

اَلسَّلاَمُ عَلَيْكَ يَا مَوْلاَيَ يَا ابَا عَبْدِ ٱللَّهِ

अल'सलामु `अलयका या मौलाया या अबा'अब्दिल'लाही

सलाम हो आप पर! ऐ मेरे सरदार! ऐ अबू अब्दुल्लाह!

يَا بْنَ خَاتَمِ ٱلنَّبِيِّينَ

यबना ख़ा'तमि अल'नबी'ईना

ऐ नबियों के खातिम के फ़र्ज़न्द!

وَيَا بْنَ سَيِّدِ ٱلْوَصِيِّينَ

वा यबना सय्यीदी अल'वसी'ईना

औसिया के सरदार के फ़र्ज़न्द!

وَيَا بْنَ سَيِّدَةِ نِسَاءِ ٱلْعَالَمينَ

वा यबना सय्यी'दती निसा'ईल आलामीना 

और ऐ जहानों की औरतों के सरदार के फ़र्ज़न्द!

اَلسَّلاَمُ عَلَيْكَ يَا شَهِيدُ يَا بْنَ ٱلشَّهِيدِ

अल'सलामु `अलयका या शहीदु यबना अल'शहीदी

सलाम हो आप पर ऐ शहीद, ऐ फ़रज़न्दे शहीद,

يَا اخَا ٱلشَّهيدِ يَا ابَا ٱلشُّهَدَاءِ

या अखा अल'शहीदी या अबा अल'शुहदा'

ऐ बरादर-ए-शहीद, ऐ पेदर-ए-शहीदान,

اَللَّهُمَّ بَلِّغْهُ عَنِّي فِي هٰذِهِ ٱلسَّاعَةِ

अल्लाहुम्मा बल्लिग़'हु अन'नी फ़ी हाज़ि'ही अस'सा अति

ऐ अल्लाह! पहुंचा इनको मेरी तरफ़ से ईस घड़ी में,

وَفِي هٰذَا ٱلْيَوْمِ

वा फ़ी हाज़ा अल'यौमी

आज के दिन में,

وَفِي هٰذَا ٱلْوَقْتِ

वा फ़ी हाज़ा अल'वक्ति

और मौजूदा वक़्त में ,

وَفِي كُلِّ وَقْتٍ

वा फ़ी कुल्ली वक़'तिन

और हर हर वक़्त में

تَحِيَّةً كَثيرَةً وَسَلاماً

तही'यतन कसी'रतन वा सलामन

बहुत बहुत दरूद और सलाम!

سَلاَمُ ٱللَّهِ عَلَيْكِ وَرَحْمَةُ ٱللَّهِ وَبَرَكَاتُهُ

सलामु अल्लाहि अलयका वा रहमतु अल्लाहि वा बरकातुहू

अल्लाह का सलाम हो आप पर अलाह की रहमत और इसकी बरकात!

يَا بْنَ سَيِّدِ ٱلْعَالَمِينَ

यबना सय्यीदी अल आलामीना

जहानों के सरदार के फ़र्ज़न्द!

وَعَلَىٰ ٱلْمُسْتَشْهَدِينَ مَعَكَ سَلاَماً مُتَّصِلاً

वा अला अल'मुस्तश-हदीना मा अका सलामन मूत'तसिलन

और इनपर जो आप के साथ शहीद हुए! सलाम हो लगातार सलाम

مَا ٱتَّصَلَ ٱللَّيْلُ وَٱلنَّهارُ

मा ईत'तसला अल'लयलू वल'नहारु

जब तक रात दिन बाहम मिलते रहें

اَلسَّلاَمُ عَلَىٰ ٱلْحُسَيْنِ بْنِ عَلِيٍّ ٱلشَّهِيدِ

अल'सलामु `अला अल'हुसैन इब्ने अली'ईन अल'शहीदी

सलाम हो हुसैन इब्ने अली शहीद पर,

السَّلامُ عَلَىٰ عَلِيِّ بْنِ ٱلْحُسَيْنِ ٱلشَّهِيدِ

अल'सलामु `अला `अली'इब्नी अल'हुसय्नी अल'शहीदी

सलाम हो अली इब्ने हुसैन शहीद पर

اَلسَّلاَمُ عَلَىٰ ٱلْعَبَّاسِ بْنِ امِيرِ ٱلْمُؤْمِنِينَ ٱلشَّهِيدِ

अल'सलामु `अला अल' अब्बास'इब्नी अमीरल मुमिनीना अल'शहीदी 

सलाम हो अब्बास इब्ने अमीरल मोमिनीन शहीद पर

السَّلاَمُ عَلَىٰ ٱلشُّهَداءِ مِنْ وُلْدِ امِيرِ ٱلْمُؤْمِنِينَ

अल'सलामु`अला अल'शुहदा' मिन वुल्दी अमीर'अल मुमिनीना

सलाम हो ईन शहीदों पर जो औलादे अमीरल मोमिनीन से हैं! .

اَلسَّلاَمُ عَلَىٰ ٱلشُّهَداءِ مِنْ وُلْدِ ٱلْحَسَنِ

अल'सलामु `अला अल'शुहदा' मिन वुल्दी-अल' हसनी

सलाम हो ईन शहीदों पर जो औलादे  हसन से हैं!

اَلسَّلاَمُ عَلَىٰ ٱلشُّهَداءِ مِنْ وُلْدِ ٱلْحُسَيْنِ

अल'सलामु अला अल'शुहदा' मिन वुल्दी'अल हुसय्नी

सलाम हो ईन शहीदों पर जो हुसैन की औलाद से हैं!

السَّلامُ عَلَىٰ ٱلشُّهَداءِ مِنْ وُلْدِ جَعْفَرٍ وَعَقِيلٍ

अल'सलामु`अला अल'शुहदा' मिन वुल्दी जा'फ़रीन वा अक़ील'ईन

सलाम हो ईन शहीदों पर जो जाफ़र और अक़ील की औलाद से हैं!

اَلسَّلاَمُ عَلَىٰ كُلِّ مُسْتَشْهَدٍ مَعَهُمْ مِنَ ٱلْمُؤْمِنِينَ

अल'सलामु `अला कुल्ली मुस्तश-हदिन मा अहुम मिन'अल मुमिनीना

सलाम हो मोमिनों में से ईन सब शहीदों पर जो इनके साथ शहीद हुए!

اَللَّهُمَّ صَلِّ عَلَىٰ مُحَمَّدٍ وَآلِ مُحَمَّدٍ

अल्लाहुम्मा सल्ली अला मुहम्मदीन वा आली मुहम्मदीन

ऐ अल्लाह! रहमत नाज़िल कर मुहम्मद व आले मोहम्मद पर

وَبَلِّغْهُمْ عَنِّي تَحِيَّةً كَثِيرَةً وَسَلاَماً

वा बल्लिग़'हुम अन्नी तही'यतन कसी'रतन वा सलामन

और पहुंचा इनको मेरी तरफ़ से बहुत बहुत दरूद और सलाम!

اَلسَّلاَمُ عَلَيْكَ يا رَسُولَ ٱللَّهِ

अल'सलामु अलैयका या रसूल अल्लाहि

सलाम हो आप पर ऐ ख़ुदा के रसूल

احْسَنَ ٱللَّهُ لَكَ ٱلْعَزَاءَ فِي وَلَدِكَ ٱلْحُسَيْنِ

अह्सना  अल'लाहू लका अल'अज़ा-अ फ़ी वलादिकल हुसय्नी 

खुदाए त'आला आप के फ़र्ज़न्द हुसैन के बारे में आप के साथ बेहतरीन ताज़ीयत करे!

اَلسَّلاَمُ عَلَيْكِ يَا فَاطِمَةُ

अल'सलामु ` अलयका या फ़ाति'मतु

सलाम हो आप पर ऐ फ़ातिमा,

احْسَنَ ٱللَّهُ لَكِ ٱلْعَزَاءَ فِي وَلَدِكَ ٱلْحُسَيْنِ

अह्सना  अल'लाहू लका अल'अज़ा-अ फ़ी वलादिकल हुसय्नी 

खुदाए त'आला आप के फ़र्ज़न्द हुसैन के बारे में आप के साथ बेहतरीन ताज़ीयत करे,

اَلسَّلاَمُ عَلَيْكَ يَا امِيرَ ٱلْمُؤْمِنِينَ

अल'सलामु `अलयका या अमीर'अल मुमिनीना

सलाम हो आप पर ऐ अमीरल मोमिनीन!

احْسَنَ ٱللَّهُ لَكَ ٱلْعَزَاءَ فِي وَلَدِكَ ٱلْحُسَيْنِ

अह्सना अल्लाहू लका अल अज़ा'अ फ़ी वला'दिका'अल हुसय्नी

खुदाए 'आला आप के फ़र्ज़न्द हुसैन के बारे में आप के साथ बेहतरीन ताज़ीयत करे!

اَلسَّلاَمُ عَلَيْكَ يَا ابَا مُحَمَّدٍ ٱلْحَسَنُ

अल'सलामु `अलयका या अबा मुहम्मदीन अल'हसनू

सलाम हो आप पर ऐ अबू मोहम्मद हसन!

احْسَنَ ٱللَّهُ لَكَ ٱلْعَزَاءَ فِي اخِيكَ ٱلْحُسَيْنِ

अह्सना'अल-लाहू लका अल अज़ा'अ फ़ी अखी'का अल'हुसय्नी

अल्लाह त'आला आप के भाई हुसैन के बारे में आप के साथ बेहतरीन ताज़ीयत करे!

يَا مَوْلاَيَ يَا ابَا عَبْدِ ٱللَّهِ

या मौलाया या अबा अब्दिल'लाही

ऐ मेरे सरदार! ऐ अबू'अब्दुल्लाह!

انَا َضَيْفُ ٱللَّهِ َوضَيْفُكَ

अना ज़य्फु अल'लाही वा ज़य्फु'का

मै अल्लाह का मेहमान और आप का मेहमान हूँ,

وَجَارُ ٱللَّهِ وَجَارُكَ

वा जारू अल्लाहि वा जारुका

और ख़ुदा की पनाह और आप की पनाह में हूँ,

وَلِكُلِّ ضَيْفٍ وَجَارٍ قِرَىً

वा ली'कुल्ली ज़ायफिन वा जार'ईन क़ी'रन

यहाँ हर मेहमान और पनाहगीर की पज़ीराई होती है,

وَقِرَايَ فِي هٰذَا ٱلْوَقْتِ

वा क़ी'राया फ़ी हाज़ा अल'वक़ती

और ईस वक़्त मेरी पज़ीराई यही है की

انْ تَسْالَ ٱللَّهَ سُبْحَانَهُ وَتَعَالَىٰ

अन तस'अला अल्लाह सुब'हानाहू वा ता'आला

आप सवाल करें अल्लाह से जो पाकतर और आली क़दर है

انْ يَرْزُقَنِي فَكَاكَ رَقَبَتِي مِنَ ٱلنَّارِ

अन यर'ज़ुक'अनी फ़का'का रक़'बती मिन'अल नारी

यह की वो मेरी गर्दन क़ो अज़ाबे जहन्नुम से आज़ाद कर दे

إِنَّهُ سَمِيعُ ٱلدُّعَاءِ قَرِيبٌ مُجِيبٌ

इन्नाहू समी'उ दुआ'ई क़री'बुन मुजीबुन

बेशक वो दुआओं का सुनने वाला है, नज़दीक तर क़बूल करने वाला!

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