|
اَلسَّلاَمُ عَلَيْكَ يَا وَارِثَ آدَمَ صِفْوَةِ
ٱللَّهِ |
अल्स्सलामु `अलयका या वारिस आदमा सिफ्वाती अल्लाहि |
सलाम हो आप पर ऐ आदम (अ:स) के वारिस जो
बर'गज़ीदा'ए'ख़ुदा
हैं |
|
اَلسَّلاَمُ عَلَيْكَ يَا وَارِثَ نُوحٍ
نَبِيِّ
ٱللَّهِ |
अल्स्सलामु `अलयका या वारिसा नूहीन नबिय्यी अल्लाहि |
सलाम हो आप पर ऐ
नूह (अ:स) वारिस जो अल्लाह के नबी हैं! |
|
اَلسَّلاَمُ عَلَيْكَ يَا وَارِثَ إِبْرَاهيمَ خَليلِ
ٱللَّهِ |
अल्स्सलामु `अलयका या
वारिसा
इब्राहीमा
खलीली
अल्लाहि
|
सलाम हो आप पर ऐ
ईब्राहीम (अ:स) के वारिस जो अल्लाह के दोस्त हैं! |
|
اَلسَّلاَمُ عَلَيْكَ يَا وَارِثَ مُوسَىٰ كَلِيمِ
ٱللَّهِ |
अल्स्सलामु `अलयका या वारिसा मूसा कालीमि अल्लाहि |
सलाम हो आप पर ऐ
मूसा (अ:स)
के वारिस जो ख़ुदा के कलीम हैं! |
|
اَلسَّلاَمُ عَلَيْكَ يَا وَارِثَ عِيسَىٰ رُوحِ
ٱللَّهِ |
अल्स्सलामु `अलयका या वारिसा `ईसा रूही अल्लाहि |
सलाम हो आप पर ऐ
ईसा (अ:स) के वारिस जो
ख़ुदा की
रूह हैं,
|
|
اَلسَّلاَمُ عَلَيْكَ يَا وَارِثَ مُحَمَّدٍ حَبِيبِ
ٱللَّهِ |
अल्स्सलामु `अलयका या वारिसा मुहम्मदीन हबीबी अल्लाहि |
सलाम हो आप पर ऐ
मोहम्मद (स:अ:व:व) के वारिस जो ख़ुदा के हबीब
हैं,
|
|
اَلسَّلاَمُ عَلَيْكَ يَا وَارِثَ عَلِيٍّ
امِيرِ
ٱلْمُؤْمِنينَ
وَلِيِّ اللّهِ |
अल्स्सलामु `अलयका
या वारिसा
`अलिय्यिन
अमीरल
मु'मिनीना
वलिय्यी
अल्लाहि |
सलाम हो आप पर ऐ
अली (अ:स) के वारिस जो मोमिनों के अमीर और दोस्त-ए-ख़ुदा
हैं,
|
|
اَلسَّلاَمُ عَلَيْكَ يَا وَارِثَ
ٱلْحَسَنِ
ٱلشَّهيدِ
سِبْطِ رَسُولِ
ٱللَّهِ |
अल्स्सलामु
’अलयका
या
वारिसा
अल्हसनी
अल’शहीदी
सिब्ती
रसूली
अल्लाहि |
सलाम हो आप पर ऐ
हसन (अ:स) के वारिस जो शहीद हैं अल्लाह के रसूल (स:अ:व:व) के नवासे
हैं, |
|
اَلسَّلاَمُ عَلَيْكَ يَا بْنَ رَسُولِ
ٱللَّهِ |
अल्स'सलामु `अलयका यबना रसूली अल्लाहि |
सलाम हो आप पर ऐ
ख़ुदा के रसूल के फ़र्ज़न्द,
|
|
اَلسَّلاَمُ عَلَيْكَ يَا بْنَ
ٱلْبَشِيرِ
ٱلنَّذِيرِ |
अल्स्सलामु `अलयका यबना अल'बशीरी अलं'नज़ीरी |
सलाम हो आप पर ऐ
बशीर व नज़ीर |
|
وَٱبْنَ
سَيِّدِ
ٱلْوَصِيِّينَ |
वाब्ना सय्यीदी अल'वसिय्यीना |
और
वसीयों
के सरदार के फ़र्ज़न्द,
|
|
اَلسَّلاَمُ عَلَيْكَ يَا بْنَ فَاطِمَةَ سَيِّدَةِ نِسَاءِ
ٱلْعَالَمِينَ |
अल'सलामु
`अलयका
यबना
फातिमता
सय्यिदती
निसा‘ई
अल
आलामीना |
सलाम हो आप पर ऐ
फ़रज़न्दे फ़ातिमा जो जहानों की औरतों
की सरदार
हैं,
|
|
اَلسَّلاَمُ عَلَيْكَ يَا
ابَا
عَبْدِ
ٱللَّهِ |
अल'सलामु `अलयका या अबा `अब्दिल'लाही |
सलाम हो आप पर ऐ
अबू अब्दुल्लाह,
|
|
اَلسَّلاَمُ عَلَيْكَ يا خِيَرَةَ
ٱللَّهِ
وَٱبْنَ
خِيَرَتِهِ |
अल'सलामु `अलयका या खियारता अल्लाहि वब्ना खियारती'ही |
सलाम हो आप पर ऐ
ख़ुदा के पसंद किये
हुए और
पसंदीदा के फ़र्ज़न्द |
|
اَلسَّلاَمُ عَلَيْكَ يا ثَارَ
ٱللَّهِ
وَٱبْنَ
ثَارِهِ |
अल'सलामु `अलयका या सारा अल्लाहि वब्ना सारिही |
सलाम हो आप पर ऐ
शहीदे राहे ख़ुदा और शहीद के
फ़र्ज़न्द,
|
|
اَلسَّلاَمُ عَلَيْكَ
ايُّهَا
ٱلْوِتْرُ
ٱلْمَوْتُورُ |
अल'सलामु `अलयका अय्युहा अल'वितरु अल'मव्तूरू |
सलाम हो आप पर ऐ
वो मक़तूल जिस के क़ातिल क़त्ल हो गए |
|
اَلسَّلاَمُ عَلَيْكَ
ايُّهَا
ٱلإِمَامُ
ٱلْهَادِي
ٱلزَّكِيُّ |
अल'सलामु `अलयका अय्युहा अल-इमामु
अल'हादी
अल'ज़किय्यु
|
सलाम हो आप पर ऐ
हिदायत व
पाकीज़गी वाले ईमाम,
|
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وَعَلىٰ
ارْوَاحٍ
حَلَّتْ بِفِنَائِكَ وَاقَامَتْ
فِي جِوَارِكَ |
वा
`अला
अर्वाहीन हालात बी'फ़िना'ईका
वा अक़ामत फ़ी जिवारिका |
और सलाम हो ईन
रूहों पर जो आपके आस्तां पर सो गयीं और
आप की
कुर्बत में रह रही हैं,
|
|
وَوَفَدَتْ مَعَ زُوَّارِكَ |
वा वाफ़दत मा अ ज़ुव्वा'रिका |
और सलाम इनपर जो
आप के ज़ायेरों के हमराह आयीं,
|
|
اَلسَّلاَمُ عَلَيْكَ مِنِّي مَا بَقيتُ وَبَقِيَ
ٱللَّيْلُ
وَٱلنَّهَارُ |
अल'सलामु
`अलयका
मिन्नी मा बकीतु वा बक़ी'या
अल'लयलू
वल'नहारु
|
मेरा
सलाम हो
आप पर जबतक मै ज़िंदा हूँ और रात दिन का सिलसिला क़ायेम है,
|
|
فَلَقَدْ عَظُمَتْ بِكَ
ٱلرَّزِيَّةُ |
फ़ला'क़द
`अज़ुमत
बिका अल'रज़ी'यतु
|
यक़ीनन आप पर
बहुत बड़ी
मुसीबत गुज़री है,
|
|
وَجَلَّ
ٱلْمُصَابُ
فِي
ٱلْمُؤْمِنِينَ
وَٱلْمُسْلِمِينَ |
वा जल्ला अल'मुसाबू
फ़ी अल'मुमिनीना
वल'मुसलिमीना
|
और इससे बहुत
ज़्यादा सोगवारी है मोमिनों और मुसलमानों
में,
|
|
وَفِي
اهْلِ
ٱلسَّمَاوَاتِ
اجْمَعِينَ |
वा फ़ी अहली अल'समावाती
अजमा’ईना
|
आसमानों पर रहने
वाली सारी मख्लूक़ में,
|
|
وَفِي
سُكَّانِ
ٱلارَضِينَ |
वा फ़ी सुक'कानी
अल-अराज़ीना |
और ज़मीन में
रहने वाली खिल्क़त में,
|
|
فَإِنَّا لِلَّهِ وَإِنَّا إِلَيْهِ رَاجِعُونَ |
फ़'इन्ना
लील'लाही
वा इन्ना इलय्ही राजी’ऊना
|
बस अल्लाह ही के
हैं,
और हम इसी
की तरफ़ लौट जायेंगे! |
|
وَصَلَوَاتُ
ٱللَّهِ
وَبَرَكَاتُهُ وَتَحِيَّاتُهُ عَلَيْكَ |
वा सलावातु अल्लाहि वा बरकातु'हू
वा तही'यातु'हू
अलयका |
ख़ुदा की रहमतें
हों,
और ईस की
बरकतें,
और सलाम
आप पर |
|
وَعَلَىٰ
آبَائِكَ
ٱلطَّاهِرِينَ
ٱلطَّيِّبِينَ
ٱلْمُنْتَجَبِينَ |
वा अला आब़ा'ईका
अल'ताहिरीना
अल'तय्यी'बीना
अल'मुन्ताजा'बीना
|
और आप के
आब़ा-ओ-अजदाद पर जो पाक निहाद,
नेक्सीरत
व बर'गज़ीदा
हैं!
|
|
وَعَلىٰ ذَرَارِيهِمُ
ٱلْهُدَاةِ
ٱلْمَهْدِيِّينَ |
वा अला ज़रा'रीहिमु
अल'हुदाती
अल'महदी'ईना |
और इनकी औलाद पर
की जो हिदायत-याफ़्ता पेशवा हैं! |
|
اَلسَّلاَمُ عَلَيْكَ يَا مَوْلايَ وَعَلَيْهِمْ |
अल'सलामु `अलयका
या मौलाया वा अलय्हीम |
सलाम हो आप पर ऐ
मेरे आक़ा, और
ईन सब पर
|
|
وَعَلَىٰ رُوحِكَ وَعَلَىٰ
ارْوَاحِهِمْ |
वा अला रूहिका वा अला अर'वाही'हिम
|
सलाम हो आप की
रूह पर और इनकी रूहों पर |
|
وَعَلَىٰ تُرْبَتِكَ وَعَلَىٰ تُرْبَتِهِمْ |
वा अला तुर्बतिका वा अला तुर्बती'हिम
|
और सलाम हो आप
के मज़ार पर और इनके
मज़ारों
पर,
|
|
اَللَّهُمَّ لَقِّهِمْ رَحْمَةً وَرِضْوَاناً |
अल्लाहुम्मा लक़'किहिम
रहमतन वा रिज़वा'नन
|
ऐ अल्लाह! इन्से
पेश आ मेहरबानी,
खुशनूदी
|
|
وَرَوْحاً وَرَيْحَاناً |
वा रौ'हन
वा रेहा'नन |
मुसर्रत और ख़ुश'रूई
के साथ
! |
|
اَلسَّلاَمُ عَلَيْكَ يَا مَوْلاَيَ يَا
ابَا
عَبْدِ
ٱللَّهِ |
अल'सलामु `अलयका
या मौलाया
या अबा'अब्दिल'लाही
|
सलाम हो आप पर!
ऐ मेरे सरदार! ऐ अबू अब्दुल्लाह! |
|
يَا
بْنَ خَاتَمِ
ٱلنَّبِيِّينَ |
यबना
ख़ा'तमि
अल'नबी'ईना
|
ऐ नबियों के
खातिम के फ़र्ज़न्द! |
|
وَيَا
بْنَ سَيِّدِ
ٱلْوَصِيِّينَ |
वा
यबना
सय्यीदी
अल'वसी'ईना
|
ऐ
औसिया के
सरदार के फ़र्ज़न्द! |
|
وَيَا
بْنَ سَيِّدَةِ نِسَاءِ
ٱلْعَالَمينَ |
वा
यबना
सय्यी'दती
निसा'ईल
आलामीना |
और ऐ जहानों की
औरतों के सरदार के फ़र्ज़न्द! |
|
اَلسَّلاَمُ عَلَيْكَ يَا شَهِيدُ يَا بْنَ
ٱلشَّهِيدِ |
अल'सलामु `अलयका
या
शहीदु यबना अल'शहीदी
|
सलाम हो
आप पर ऐ
शहीद,
ऐ
फ़रज़न्दे शहीद,
|
|
يَا
اخَا
ٱلشَّهيدِ
يَا
ابَا
ٱلشُّهَدَاءِ |
या
अखा अल'शहीदी
या
अबा
अल'शुहदा'ई
|
ऐ बरादर-ए-शहीद,
ऐ
पेदर-ए-शहीदान,
|
|
اَللَّهُمَّ بَلِّغْهُ عَنِّي فِي هٰذِهِ
ٱلسَّاعَةِ |
अल्लाहुम्मा बल्लिग़'हु
अन'नी
फ़ी हाज़ि'ही
अस'सा
अति |
ऐ अल्लाह! पहुंचा
इनको मेरी
तरफ़ से ईस घड़ी में, |
|
وَفِي
هٰذَا
ٱلْيَوْمِ |
वा फ़ी हाज़ा
अल'यौमी
|
आज के दिन में, |
|
وَفِي
هٰذَا
ٱلْوَقْتِ |
वा फ़ी हाज़ा
अल'वक्ति
|
और मौजूदा वक़्त
में , |
|
وَفِي
كُلِّ وَقْتٍ |
वा फ़ी कुल्ली वक़'तिन
|
और हर हर वक़्त
में
|
|
تَحِيَّةً كَثيرَةً وَسَلاماً |
तही'यतन
कसी'रतन
वा सलामन |
बहुत बहुत दरूद
और सलाम! |
|
سَلاَمُ
ٱللَّهِ
عَلَيْكِ وَرَحْمَةُ
ٱللَّهِ
وَبَرَكَاتُهُ |
सलामु अल्लाहि अलयका वा रहमतु अल्लाहि वा बरकातुहू |
अल्लाह का सलाम
हो आप पर अलाह की रहमत और इसकी बरकात! |
|
يَا
بْنَ سَيِّدِ
ٱلْعَالَمِينَ |
यबना सय्यीदी अल आलामीना |
ऐ
जहानों
के सरदार के फ़र्ज़न्द! |
|
وَعَلَىٰ
ٱلْمُسْتَشْهَدِينَ
مَعَكَ سَلاَماً مُتَّصِلاً |
वा अला
अल'मुस्तश-हदीना
मा अका सलामन मूत'तसिलन
|
और इनपर जो आप
के साथ शहीद हुए! सलाम हो लगातार सलाम
|
|
مَا
ٱتَّصَلَ
ٱللَّيْلُ
وَٱلنَّهارُ |
मा
ईत'तसला
अल'लयलू
वल'नहारु |
जब तक रात दिन
बाहम मिलते रहें |
|
اَلسَّلاَمُ عَلَىٰ
ٱلْحُسَيْنِ
بْنِ عَلِيٍّ
ٱلشَّهِيدِ |
अल'सलामु `अला
अल'हुसैन
इब्ने अली'ईन
अल'शहीदी |
सलाम हो हुसैन
इब्ने अली शहीद पर,
|
|
السَّلامُ عَلَىٰ عَلِيِّ بْنِ
ٱلْحُسَيْنِ
ٱلشَّهِيدِ |
अल'सलामु `अला `अली'इब्नी अल'हुसय्नी अल'शहीदी |
सलाम हो अली
इब्ने
हुसैन
शहीद पर |
|
اَلسَّلاَمُ عَلَىٰ
ٱلْعَبَّاسِ
بْنِ
امِيرِ
ٱلْمُؤْمِنِينَ
ٱلشَّهِيدِ |
अल'सलामु
`अला अल'
अब्बास'इब्नी
अमीरल
मुमिनीना
अल'शहीदी |
सलाम हो अब्बास
इब्ने अमीरल मोमिनीन शहीद पर |
|
السَّلاَمُ عَلَىٰ
ٱلشُّهَداءِ
مِنْ وُلْدِ
امِيرِ
ٱلْمُؤْمِنِينَ |
अल'सलामु`अला अल'शुहदा'ई
मिन
वुल्दी
अमीर'अल
मुमिनीना |
सलाम हो ईन शहीदों
पर जो
औलादे
अमीरल मोमिनीन से हैं! . |
|
اَلسَّلاَمُ عَلَىٰ
ٱلشُّهَداءِ
مِنْ وُلْدِ
ٱلْحَسَنِ |
अल'सलामु `अला अल'शुहदा'ई मिन वुल्दी-अल'
हसनी |
सलाम हो ईन शहीदों पर जो औलादे हसन से
हैं! |
|
اَلسَّلاَمُ عَلَىٰ
ٱلشُّهَداءِ
مِنْ وُلْدِ
ٱلْحُسَيْنِ |
अल'सलामु अला अल'शुहदा'ई मिन वुल्दी'अल
हुसय्नी |
सलाम हो ईन शहीदों पर जो हुसैन की औलाद
से हैं! |
|
السَّلامُ عَلَىٰ
ٱلشُّهَداءِ
مِنْ وُلْدِ جَعْفَرٍ وَعَقِيلٍ |
अल'सलामु`अला अल'शुहदा'ई
मिन
वुल्दी
जा'फ़रीन
वा
अक़ील'ईन |
सलाम हो ईन शहीदों
पर जो जाफ़र और अक़ील की औलाद से हैं! |
|
اَلسَّلاَمُ عَلَىٰ كُلِّ مُسْتَشْهَدٍ مَعَهُمْ مِنَ
ٱلْمُؤْمِنِينَ |
अल'सलामु `अला कुल्ली
मुस्तश-हदिन मा अहुम मिन'अल
मुमिनीना |
सलाम
हो मोमिनों
में से ईन सब शहीदों पर जो इनके साथ शहीद हुए! |
|
اَللَّهُمَّ صَلِّ عَلَىٰ مُحَمَّدٍ وَآلِ مُحَمَّدٍ |
अल्लाहुम्मा सल्ली अला
मुहम्मदीन वा आली मुहम्मदीन |
ऐ अल्लाह! रहमत
नाज़िल कर
मुहम्मद
व आले मोहम्मद पर |
|
وَبَلِّغْهُمْ عَنِّي تَحِيَّةً كَثِيرَةً وَسَلاَماً |
वा बल्लिग़'हुम
अन्नी तही'यतन
कसी'रतन
वा सलामन |
और पहुंचा इनको
मेरी तरफ़ से बहुत बहुत दरूद और सलाम! |
|
اَلسَّلاَمُ عَلَيْكَ يا رَسُولَ
ٱللَّهِ |
अल'सलामु
अलैयका या रसूल अल्लाहि |
सलाम
हो आप पर
ऐ ख़ुदा के रसूल |
|
احْسَنَ
ٱللَّهُ
لَكَ
ٱلْعَزَاءَ
فِي وَلَدِكَ
ٱلْحُسَيْنِ |
अह्सना
अल'लाहू
लका अल'अज़ा-अ फ़ी वलादिकल हुसय्नी |
खुदाए त'आला
आप के फ़र्ज़न्द हुसैन के बारे में आप के साथ
बेहतरीन
ताज़ीयत करे! |
|
اَلسَّلاَمُ عَلَيْكِ يَا فَاطِمَةُ |
अल'सलामु `
अलयका या फ़ाति'मतु
|
सलाम हो आप पर ऐ
फ़ातिमा,
|
|
احْسَنَ
ٱللَّهُ
لَكِ
ٱلْعَزَاءَ
فِي وَلَدِكَ
ٱلْحُسَيْنِ |
अह्सना
अल'लाहू
लका अल'अज़ा-अ फ़ी वलादिकल हुसय्नी |
खुदाए त'आला
आप के फ़र्ज़न्द हुसैन
के बारे
में आप के साथ बेहतरीन ताज़ीयत करे,
|
|
اَلسَّلاَمُ عَلَيْكَ يَا
امِيرَ
ٱلْمُؤْمِنِينَ |
अल'सलामु `अलयका
या अमीर'अल
मुमिनीना |
सलाम हो आप पर ऐ
अमीरल मोमिनीन! |
|
احْسَنَ
ٱللَّهُ
لَكَ
ٱلْعَزَاءَ
فِي وَلَدِكَ
ٱلْحُسَيْنِ |
अह्सना अल्लाहू लका अल अज़ा'अ
फ़ी वला'दिका'अल
हुसय्नी |
खुदाए
त'आला
आप के फ़र्ज़न्द हुसैन के बारे में आप के साथ बेहतरीन ताज़ीयत करे!
|
|
اَلسَّلاَمُ عَلَيْكَ يَا
ابَا
مُحَمَّدٍ
ٱلْحَسَنُ |
अल'सलामु `अलयका
या
अबा
मुहम्मदीन अल'हसनू
|
सलाम हो आप
पर ऐ अबू
मोहम्मद हसन! |
|
احْسَنَ
ٱللَّهُ
لَكَ
ٱلْعَزَاءَ
فِي
اخِيكَ
ٱلْحُسَيْنِ |
अह्सना'अल-लाहू
लका अल अज़ा'अ
फ़ी अखी'का
अल'हुसय्नी
|
अल्लाह त'आला
आप के भाई हुसैन के बारे में आप के साथ बेहतरीन
ताज़ीयत
करे! |
|
يَا
مَوْلاَيَ يَا
ابَا
عَبْدِ
ٱللَّهِ |
या
मौलाया या
अबा
अब्दिल'लाही
|
ऐ मेरे सरदार! ऐ
अबू'अब्दुल्लाह!
|
|
انَا
َضَيْفُ
ٱللَّهِ
َوضَيْفُكَ |
अना ज़य्फु अल'लाही
वा ज़य्फु'का
|
मै अल्लाह का
मेहमान और आप का मेहमान
हूँ,
|
|
وَجَارُ
ٱللَّهِ
وَجَارُكَ |
वा जारू अल्लाहि वा जारुका |
और ख़ुदा की
पनाह और आप की पनाह में हूँ,
|
|
وَلِكُلِّ ضَيْفٍ وَجَارٍ قِرَىً |
वा ली'कुल्ली
ज़ायफिन वा जार'ईन
क़ी'रन
|
यहाँ हर मेहमान
और पनाहगीर की पज़ीराई
होती है,
|
|
وَقِرَايَ فِي هٰذَا
ٱلْوَقْتِ |
वा क़ी'राया
फ़ी हाज़ा
अल'वक़ती
|
और ईस वक़्त मेरी
पज़ीराई यही है की |
|
انْ
تَسْالَ
ٱللَّهَ
سُبْحَانَهُ وَتَعَالَىٰ |
अन तस'अला
अल्लाह सुब'हानाहू
वा ता'आला
|
आप सवाल करें
अल्लाह से जो पाकतर और आली
क़दर है
|
|
انْ
يَرْزُقَنِي فَكَاكَ رَقَبَتِي مِنَ
ٱلنَّارِ |
अन यर'ज़ुक'अनी
फ़का'का
रक़'बती
मिन'अल
नारी |
यह की वो मेरी
गर्दन क़ो अज़ाबे जहन्नुम से आज़ाद कर दे |
|
إِنَّهُ سَمِيعُ
ٱلدُّعَاءِ
قَرِيبٌ مُجِيبٌ |
इन्नाहू समी'उ
दुआ'ई
क़री'बुन
मुजीबुन |
बेशक वो दुआओं
का
सुनने
वाला है,
नज़दीक तर
क़बूल
करने
वाला! |